'सुन रहे हो ना विनोद…' पीएम मोदी के एक डायलॉग ने लूट ली महफिल, सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन में गूंजीं तालियां
गुजरात के साणंद में आयोजित देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन समारोह में उस समय माहौल हल्का-फुल्का और उत्साहपूर्ण हो गया, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने संबोधन के दौरान लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat के चर्चित मीम डायलॉग "सुन रहे हो ना विनोद…" का जिक्र किया। प्रधानमंत्री के मुंह से यह संवाद सुनते ही पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य अतिथि भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
प्रधानमंत्री का यह अंदाज कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और कई लोगों ने इसे प्रधानमंत्री के सहज और संवादात्मक भाषण शैली का उदाहरण बताया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वीडियो को साझा करते हुए कैप्शन में लिखा— "सुन रहे हो ना विनोद", जिसके बाद यह क्लिप इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित होने लगी।
सेमीकंडक्टर परियोजना के उद्घाटन के दौरान हुआ रोचक संवाद
शनिवार को गुजरात के साणंद में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के सेमीकंडक्टर उद्योग को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन था। कार्यक्रम में उद्योग जगत के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे। इसी दौरान Vellayan Subbiah ने अपने संबोधन में गुजरात की कुछ प्रसिद्ध कहावतों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का विकास का दृष्टिकोण स्पष्ट है और अब उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह इस विजन को आगे बढ़ाए। उन्होंने गुजराती कहावत "निशान चूक माफ, पण नहीं माफ नीचू निशान" का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि बड़ा लक्ष्य हासिल करने में चूक हो जाए तो उसे समझा जा सकता है, लेकिन छोटा लक्ष्य रखना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने एक और लोकप्रिय गुजराती कहावत "काम बोले छे" का उल्लेख किया और कहा कि अब भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स की पहली खेप जापान भेजी जा रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने अपने अंदाज में दिया जवाब
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर संबोधित करने पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले सुब्बैया द्वारा कही गई बातों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं कभी छोटे लक्ष्य निर्धारित नहीं करते।
उन्होंने कहा कि यदि कोई स्मारक बनाना है तो वह विश्व का सबसे ऊंचा होना चाहिए। इसे लोगों ने Statue of Unity की ओर संकेत के रूप में देखा।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि सुब्बैया जी ने कहा "काम बोले छे", फिर तुरंत लोकप्रिय मीम शैली में बोले— "सुन रहे हो ना विनोद… काम बोले छे।"
प्रधानमंत्री के इतना कहते ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों से गूंज उठा। मंच पर बैठे उद्योगपति और अधिकारी भी मुस्कुराते नजर आए। यह पल कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
प्रधानमंत्री के भाषण का यह हिस्सा कुछ ही समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने लगा। हजारों लोगों ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री ने एक लोकप्रिय इंटरनेट मीम को अपने भाषण में शामिल कर माहौल को सहज बना दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में फिल्मों, वेब सीरीज और सोशल मीडिया के लोकप्रिय संवाद आम बोलचाल का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में जब कोई सार्वजनिक नेता इनका प्रयोग करता है तो वह लोगों का ध्यान तेजी से आकर्षित करता है।
हालांकि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
भारत के लिए महत्वपूर्ण है सेमीकंडक्टर उद्योग
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सेमीकंडक्टर उद्योग भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनने वाला है।
उन्होंने बताया कि इस संयंत्र में हर वर्ष लगभग 20 करोड़ चिप्स का उत्पादन किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी इस लक्ष्य को जल्द ही प्राप्त करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि "स्टेप बाय स्टेप, ब्रिक बाय ब्रिक और अब चिप बाय चिप" भारत आत्मनिर्भर तकनीकी शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश ने प्रतिवर्ष 50 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि उद्योग जगत इस लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले प्राप्त करने का प्रयास करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्यातक बन चुका है। उनके अनुसार पिछले एक दशक में देश का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग सात गुना बढ़ा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगभग ग्यारह गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च तकनीक के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना भी उसका प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में भारत को अग्रणी भूमिका निभानी है तो सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है।
जापान भेजी गई पहली खेप
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि इस संयंत्र में तैयार की गई सेमीकंडक्टर चिप्स की पहली व्यावसायिक खेप जापान भेजी गई है। इसे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित चिप्स का अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश में सेमीकंडक्टर निर्माण तेजी से बढ़ता है तो इससे मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दूरसंचार, चिकित्सा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अनेक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात तेजी से सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि साणंद में स्थापित यह संयंत्र आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार, आधुनिक विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देना है।
Sun rahe ho na BINOD😅 pic.twitter.com/CemkekgSnm
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) July 4, 2026
'काम बोले छे' के साथ खत्म हुआ संबोधन
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर विकास और कार्य संस्कृति पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम देना है।
भाषण समाप्त करने से पहले उन्होंने मुस्कुराते हुए फिर कहा— "काम बोले छे।"
प्रधानमंत्री का यह पूरा संबोधन जहां एक ओर भारत के सेमीकंडक्टर मिशन, आत्मनिर्भर तकनीकी विकास और औद्योगिक प्रगति का संदेश देता दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर "सुन रहे हो ना विनोद" जैसे लोकप्रिय संवाद के इस्तेमाल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। यही कारण है कि यह क्षण अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

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